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SHakahari Prachar Abhiyan कुदरत नाराज है धरती में पाप बढ़ गया है

जयगुरूदेव
जयगुरूदेव आश्रम उज्जैन प्रातः 16.05.2015 कालीन सत्संग ।
 संसार इस समय बारूद के ढ़ेर पर खड़ा है ।  इस लिए लोागांे को बचाने की जरूरत है। संत मत कठिन चीज है यह एक दिन में समझ में नहीं आती है। सतसंग में महाराज जी ने बताया की जयगुरूदेव नाम कोई साधारण नाम नहीं है जब तक गुरू महाराज थे तब इस नाम में शक्ति थी अब वो चले गये हंै और इस नाम में पूरी शक्ति छोड़ गये है जब तक कोई दूसरा नाम नही उतारा जाता नहीं जगाया जाता तब तक इस नाम मंे पूरी शक्ति रहेगी जयगुरूदेव नाम का चमत्कार दिखाई देगा घरो में लिखें। जयगुरूदेव नाम के झण्डे में ताकत है यह तडीत चालक का काम करेगा इस नाम को जगाने वाले गुरू महाराज का नाम सारे दुनिया में फैलाया जाएगा। आप सहयोग कर दो आपका नाम भी हो जायेगा।
 कुदरत नाराज है धरती में पाप बढ़ गया है इस लिए ये ड़ोलने लगी  अभी आगे ऐसी ऐसी प्राकृतिक आपदा आयेगी की आपने अपने जीवन में कभी देखा ही नहीं ये तो कुदरत का टेªलर है ट्रेलर। अब देख लो लोग कोटि जनम जब भटका खाया तब यह नर तन दुर्लभ पाया । लेकिन लोग केवल खाने पीने पहनने की चीज में ही अपना सम्पूर्ण जीवन लगा देते हैं अच्छा मकान दुकान बनाने में ही सारा जीवन लगा देते है । ये दिल्ली में कई मंजिल्लो की इमारते है ये दिल्ली, दिल्ली वालो को भी अकल आयेगी। लेकिन जो अच्छे लोग है शाकाहारी भजनानन्दी अच्छे लोगों का साथ महापुरूष और हवा पानी प्रकृति साथ दे देती है। आगे समय में बहोत मरेगे बहुत तो इनको बचाने की जरूरत है शाकाहारी, ईश्ववादी बनाने की जरूरत है। ज्यादा से ज्यादा लोगो को शाकाहारी बनाओ जिससे इनकी जान बच जाये।
    अब ये समझ लो शराब और मान्स के पैसे से कोई भी ना तो प्रान्त ना देश खुशहाल हो सकता है इसलिए शाकाहार जरूरी है शाकाहारिता जरूरी है हमारे माननीय मुख्य मन्त्री जी बैठे हुए हैं इनसे मै छोटी-मोटी चीज नहीं मांगता हूॅ  और गुरू महाराज ने हमको वो चीज दिया है कि दुनिया में क्या तीन लोक में कोई नहीं दे सकता है ऐसी दया दुआ हमको दे दी है कोई भी दुनिया की चीज को हम मुख्य मंत्री जी से नहीं मागते है लेकिन हम ये चीज चाहते हंै कि ये लोगांे को प्राकृतिक आपदा से दैविक प्रकोप से बचा लंे और लोगों के अंदर शाकाहार, शाकाहारिता की भावना भरे और शराब बन्दी पर विचार करें। शराब और नशे की चीजो से लोगो को दूर करें।
 देखो माता तीन होती हैं। एक अपनी माता होती है जो दूध पिलाती है, पालन पोषण करती है लेकिन लोग अपनी माता को भूल गये पैदा किया और पालन-पोषण किया, बुढ़ापे में दो रोटी कमा करके लायेगा खिलायेगा लेकिन वो माॅ को अपने घर से बाहर निकाल देता है। यहा शिक्षा मंत्री जी बैठे हुए है छोटे-छोटे बच्चो के अंदर ये संस्कार भर दिये जाए जो पूरी जिन्दगी भर रहते है। ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जो देश की जनता के लिए, सेवा करने में अच्छा काम करने में, जिससे लोग माता की सेवा करने लग जाए, पिता की सेवा करने लग जाए।
 दूसरी माता कौन है? ये धरती माता है। लेकिन धरती माता कितना बरदाश्त करती है। लेकिन बरदास्त की सीमा होती है अगर किसी को ऊपर ज्यादा बोझा हो जाएगा तो फिर वो डगमगाएगा ये धरती हिलेगी। धरती हिलेगी पाप से पाप को रोका नहीं गया यहा पर अधिकारी, कर्मचारी यानी मुखिया, राजा आप से आज मंै यही प्रार्थना करूगा कि इस धरती पर पाप को हटाने के लिए आप विचार करंे आप गोष्ठी करिये लोगांे से विचार विमर्श करिये राय लीजिए। पाप धरती पर से कम हो जिससे ये धरती हिलने ना पावे और अगर ये काम नहींे हुआ तो आप को ये भी बता दे रहा हूॅ कि अभी धरती तो कुछ नहीं हिली अभी तो ये नेपाल उधर पूर्वी, उत्तरी भारत में जो भूंकम्प आया है ये कुछ नहीं है ये टेलर है टेलर जो टेलर सिनेमा में दिखाते है। तो ये कहते है ये टेलर है मुझे सब दिखाई पड़ रहा।
    तीसरी माँ  कौन है? तीसरी माँ है गऊ माता। ये तीसरी माँ  कहलती है ये सब की माँ  है। सब को प्यार करती है, प्यार से दूध देती है। सब लोगो को पालती है और किसी से ऐतराज नहीं करती किसी भी मजहब का मानने वाला हो, लेकिन उसको कोई ऐतराज नहीं गाय को दूध पीने में, घी खाने में, गोबर से लीपी हुए जमीन में नमाज पढ़ने में, अदा करने में, इसलिए संकुचित भावना नहीं होनी चाहिए। जो काम किया जाए उसे दिल खोल कर किया जाए। और जनता की यह पुकार है कि गऊ हत्या देश में बन्द होनी चाहिए। लाखों नही, देश के करोड़ो लोग इस चीज को चाहते है कि देश में गऊ हत्या बन्द हो जाए। माँॅ की जान बच जाए। माता की जान बच जाए। माता की जान बचाने के लिए। आज अच्छा मौका है, हमारे मुख्य मंत्री जी को कुछ कहने का, हम उनसे ये प्रार्थना करेंगे कि आप भी इसमें कुछ कहेंगे। तो आप यह समझो कि देश में गौ हत्या बन्द हो जाएगी। उसी समय से सतयुग के प्रादुर्भाव की किरण नजर आयेगी। जैसे लालिमा जब सूरज की, निकलने को होती है तो मालूम होता है कि सूरज निकलने वाला है। ऐसे ही गौ हत्या बन्द होना बहुत जरूरी है।
्रस्वास्थ्य के लिए भी महाराज जी ने सुनाया-
 सुबह-सुबह प्रभात फेरी में शाकाहार प्रचार में जो जाएगा उसे स्वास्थ्य लाभ होगा और कई बिमारियाँ भी दूर हो जाएगी।  संत महात्मा एक तीर से कई निशाना करते है इस लिए इस पर अमल करने की जरूरत है।
भोजन के विषय में महाराज जी ने कहा- कि  रात के भोजन करने के बाद दूध पीने से भोजन अच्छी तरह हजम होता है। सुबह की मूली मूल है दोपहर की मूली मूली और रात की मूली सूली के समान होती है। लेकिन मूली पचाने के लिए मूली के साथ उसका पत्ता भी खाना चाहिए।
  केला के साथ इलाइची खाने पर केला अच्छी तरह पच जाता है।
सुबह उठकर शाम का बासी पानी पीना चाहिए अगर वह ताँबे के बर्तन में रखा हो तो और अच्छा पीने के बाद थेाडा से टहलना चाहिए और फिर लेट्रिंन जाना चाहिए इससे पेट अच्छे से साथ होता है ।
दोपहर के खाने में मट्ठा पीना चाहिए मट्टे में शक्कर और गुड़ की जगह नमक डालने से जो कुछ खामियाँ मट्टे में होती हंै वह दूर हो जाती हंै। कहते हैं की इन्द्र को भी मट्ठा नसीब नहीं है। मतलब ये प्रकृति के अनुसार समय पर खाने पीने से बहुत फायदेमंद होता है।

shakahaari prachar hindi jaigurudev

A man can live and be healthy without killing animals for food; therefore, if he eats meat, he participates in taking animal life merely for the sake of his appetite. And to act so is immoral.

सुनील कौषिक
मीडिया प्रभारी,
बाबा जयगुरुदेव धर्म विकास संस्था, उज्जैन
http://www.babajaigurudevworld.org/

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