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(Transistor) ट्रांजिस्टर का कार्य, पहचान, विशेषताएं

pnp transistor in hindi –  ट्रांजिस्टर का नाम आपने बहुत सुना होगा ट्रांजिस्टर के आने से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति ला दी।
ट्रांजिस्टर एक बहुत ही  साधारण सा दिखाई देने वाला कॉम्पोनेन्ट होता है लेकिन इसके काम बहुत बड़े है।  अगर ट्रांजिस्टर नहीं होते तो शायद आज कंप्यूटर की स्पीड इतनी नहीं होती जितनी अब है।

ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल सर्किट में बहुत से कार्यो  को करने के लिए किया जाता  लेकिन इसका सबसे ज्यादा उपयोग एम्प्लीफिकेशन के लिए होता है।  कहने का मतलब किसी भी सिग्नल की शक्ति को बढ़ाने के लिए होता है।

Transistor ट्रांजिस्टर सेमीकंडक्टर पदार्थो से बनाया जाता है।

  •  सिलिकॉन और जेर्मेनियम।

ट्रांजिस्टर के तीन सिरे होते है।  जिनको  बेस, कलेक्टर और एमीटर कहते है।  ट्रांजिस्टर के कई प्रकार होते है और सबका काम अलग अलग होता है।

संरचना के अनुसार ट्रांजिस्टर दो  टाइप के होते है

pnp ट्रांजिस्टर →

इस प्रकार के ट्रांजिस्टर में P टाइप क्रिस्टल के दोनों तरफ N टाइप क्रिस्टल जोड़ा जाता है।  देखे चित्र ▼

इस तरह दो जोड़ बनते है जिनको जंक्शन कहते है

  • पहला NPN
  • दूसरा PNP

दोनों जंक्शन में P कॉमन हो जाता है इसलिए इसको NPN ट्रांजिस्टर कहते है

इसमें P बेस होता है छोटा N एमीटर और दूसरा बड़ा N कलेक्टर होता है इसमें करंट कलटर से एमीटर की और बहता है

इसमें बेस एक कंट्रोलर की तरह काम करता है बेस पर जितना सिग्नल दिए  जाते उसके अनुसार करंट कलेक्टर से अमीटर की तरफ बहने लगता है। अच्छी तरह समझने के लिए एक उदाहरण लेते है▼

ट्रांजिस्टर कैसे काम करता है

आपने  घर या स्कूल ऑफिस हर जगह पानी नल देखा होगा  है।  जिसके लिए ऊपर छत पर टंकी रखी होती है और पाईप के द्वारा पानी को नीचे लाया जाता है। जिसमे से पानी बहता है और बहता ही रहेगा यदि उसको रोकने के लिए वाल्व यानी टोटी न लगी हो।  जिसको बंद कर देने पर पानी नहीं बहता जब आपको जरुरत  होती है तब आप टोटी को खोल कर पानी ले लेते है फिर जरुरत नहीं होने पर बंद कर देते है साथ  ही आपको कम पानी चाहिए कम खोलते है और ज्यादा तेज़ी से पानी बहने के लिए ज्यादा या पूरा खोल देते है कहने का मतलब यह है जितनी हमें जरुरत होती है और जिस गति से चाहते है टोटी को उसी के अनुसार घुमाकर पानी ले लेते है। Transistor

ठीक इसी प्रकार ट्रांजिस्टर भी काम करता है और बेस उसको नियंत्रित करता है।  मुझे लगता है आपको अच्छे से समझ आ गया होगा।

PNP टाइप ट्रांजिस्टर →

NPN टाइप ट्रांजिस्टर | PNP टाइप ट्रांजिस्टर

NPN टाइप ट्रांजिस्टर | PNP टाइप ट्रांजिस्टर

PNP Type Transistor दो p टाइप और एक  n टाइप सेमीकंडक्टर से बना होता है। इसमें दोनों सिरों पर p टाइप और सेण्टर में n टाइप सिमीकण्डक्टर जुड़ा होता है।  इस प्रकार एक PNP  Transistor में एक P-N और   दूसरा NP जंक्शन होता है एक पीएनपी ट्रांजिस्टर की तुलना दो DIODE से की जा सकती है इनके N-N टाइप सेमीकंडक्टर आपस में जुड़े होते हैं

ट्रांजिस्टर कैसे काम करता है
ट्रांजिस्टर कैसे काम करता है

कलेक्टर डायोड

इनमें से एक डायोड को EMITER, BASE, DIODE या EMITER DIODE  कहा जा सकता है और दूसरे DIODE  को कलेक्टर-बेस डायोड या  कलेक्टर डायोड कहा जा सकता है

ट्रांजिस्टर का उपयोग

ट्रांसिस्टर का उपयोग एम्पलीफिकेशन, स्विचिंग, रेगुलेटर आदि के लिए किया जाता है।

आगे पढ़े :
  • सर्किट में Transistor कैसे और के काम करता है।
  • Transistor के टर्मिनलों या सिरों की पहचान कैसे करे।
  • कैसे पता करे की Transistor PNP है या NPN।
  • ख़राब Transistor को कैसे चेक करे।
  • Transistor की बायसिंग कैसे होती है।
  • Transistor से कौन कौन से सर्किट बनते है।
  • Transistor कितने प्रकार के होते है।
  • सर्किट में लगे Transistor को कैसे चेक करे।

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Last updated on June 15, 2018 10:07 am
2 Comments
  1. Unknown December 14, 2017 / Reply
  2. Chip Level Tips March 16, 2018 / Reply

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