खांसी का इलाज ( Khansi) home remedies to stop coughing



खांसी का इलाज home remedies to stop coughing

खांसी अक्सर होने वाली शिकायत है । ' शिशु अवस्था से लेकर वृद्धावस्था तक यह समय-समय यर परेशान करती रहती है। वैसे देखा जाये तो खांसी स्वयं में कोई रोग नहीं है । लेकिन यह अन्य कई ऐसे रोगों  का एक
लक्षण है, जो गले, फेफडों या वायुनलिकाओं (फेफडों तक हवा ले जाने बाली नलिकाएँ) पर प्रभाव डालते हैं ।
जब श्वास नली पर कोई बाघा या संक्रमण ( जैसे निमोनिया.एवं  श्वास नलीशोध ) है श्वास में धुल, धुआँ, रसायन, बहुत शीतल या गरम वायु जाये तो  भी खांसी होने लगती है ।
वस्तुत : खांसी अन्य किसी रोग का संकेत  करने के अलावा श्वसन प्रणाली को स्वच्छ करने और बलगम तथा गले और फेफडों के जीवाणुओं से छुटकारा पाने  का शरीर का एक कुदरती तरीका है । इसलिए खांसी से बलगम पैदा होने पर बलगम  रोकने या बंद करने वाली दवाएं कभी नहीं लेनी चाहिए बल्कि ऐसे उपाय करने चाहिए कि बलगम पतला होकर सहज निकल जाये ।

Cough Remedies In Hindi
खांसी की वजह क्या  है, यह जानना सबके लिए जरुरी है । खासी के बारे में पूरी बातें जानने के लिए कुछ सवाल नीचे दिये जा रहे हैं, जिनकी सहायता से आप खुद व खुद मूल रोग तक पहुंच सकते हैं ।

( 1 ) क्या खांसी का जोर ज्यादा है अथवा थोड्री-थोडी देर बाद उठ रही है?
( 2 ) खांसी के साथ  क्या  बुखार भी है?
( 3) क्या  खांसी के साथ थूक आता है? यदि हां को उसका रंग कैसा है उसकी  गध कैसी है?
( 4 ) क्या थूक में खून भी मिला हुआ है ?
(5) क्या व्यक्ति धूम्रपान करता है?
( 6 ) व्यक्ति का रोजगार क्या  है? इससे भी मूल रोग तक पहुंचने में मदद मिल सकती है


सूखी खांसी- dry cough remedies

जिसमेँ बलगम या तो बिल्कुल नहीं आता, अथवा थोड़ा आता है ।
कारण - 

  • सर्दी, जुकाम या फ्लू ।
  •  कृमि जब फेफडों है गुजर रहे हों ।
  • खसरा।  
  • घूम्रपान की वजह से ।

बलगम वाली खांसी-  cough With Mucus

इसमेँ खासी के साथ  कफ भी निकलता है ।
  • कारण-ब्रांकाइटिस (श्वासनीशोध) Bronchitis
  • निमोनिया Pneumonia
  • फेफड़े का व्रणLung abscess
  • ब्रोंकाइटिस bronchitis

ऐसी खांसी जिसमें घरघराहट  खाँय- खाँय की आवाज़  हो अथवा साँस  लेने में  परेशानी हो

कारण
  • दमा Asthma
  • वाली खांसी  
  • डिप्थीरिया Diphtheria  
  • हृदय रोग  Heart disease
  • गले  में कुछ अटकना  Some stick in the throat
  • वात स्फीति (एस्फीसीमा) emphysema

दीर्घकालीन  या लगातार होने वाली खांसी Frequent cough

कारण है
  • तपेदिक  Tuberculosis (T.B)
  • धूम्रपान करने वालों की खांसी  Smokers cough
  • साधारण खांसी  Simple cough
  • दीर्धकालीन स्वासनली शोथ Chronic inflammation of bronchi
  • वात स्फोत (एम्यनीसीमा) 
  • दमा।

खांसी में खून आना

कारण  है 
  • तपेदिक 
  • निमोनिया ( पीला, हरा या खून से सना बलगम) 
  • गम्भीर कृमि-छूत  Severe worm-infection
  • फेफडों का कैंसर Lung cancer
  • हदय रोग 
  • ब्रक्रिप्लइएकटैसिस

खाँसी का उपचार Cough treatment Home Remedies

आमतौर यह  देखा जाता है कि खांसी  शुरु होते ही लोग  दवाइयां लेना शुरुकर देते हैं । प्राय: वे ऐसी दवाइया  लेते हैं जो बाहर  निकलने वाले बलगम को रोककर सुखा देती हैं । यह एक ऐसा हानिकारक उपाय हो सकता
है जो  रोग को निकालने के बजाय अन्दर ही  और ज्यादा पनपाने का कारण बनता है।  ध्यान रखें, जो दवाएं खांसी को  शांत करती हैं वे लाभ पहुचने के बजाय व्यक्ति को  नुकसान ही पहुंचाती हैं, क्योकि वे बलगम और 
जीबाणुओ को  शरीर से बाहर नहीं निकलने देती। इसलिए कफ  ढीला करके बाहर निकलने  वाले उपाय बेहतर रहते हैं । बेहतर यही है, कि खांसी होने पर बजाय दवाई लेने के ऐसा उपाय करे  जो जमे हुए बलगम को ढीला करके बाहर  निकाल फेंके, और इसके लिए सबसे बेहतर उपाय है पानी  का अधिकाधिक सेवन । यदि
गुनगुना पानी पिया जाए तो और  बेहतर। खांसी में अधिक पानी पीना किसी भी दवा से बेहतर उपाय है। 

खौलते पानी  की भाप सूंघे - Boiling water vapor Sunge

कुर्सी  पर  बैठे और गर्म यानी से भरी बाल्टी को पायो  के पास रखें । अपने सिर पर एक कपडा ढक लें
जो कि बाल्टी के चारों और लपेटा हो ताकि बाल्टी में से उठती हुई भाप सीधे  आपके नाक मुह तक पहुंचे 15 मिनट तक इसी प्रकार बैठकर गहरे गहरे श्वास लें ताकि भाप श्वास द्वारा अंदर तक पहुंच कर बलगम को
ढीलाकर दें । इस क्रिया  को दिन में 2-3 बार  कर सकते हैं ।
यदि आप चाहें तो उबले पानी में वेपोरब, टिचर बेजाइन या पुदीने के पत्ते कुचलकर डाल सकते हैँ । वैसे  केवल गर्म यानी की भाप भी उतना ही फायदा पहुचा देती है । दमा मरीज ऐसे उपाय करने के दौरान पानी  में बेपोरब न डालें, अन्यथा उनकी हालत ज्यादा बिगड़ सकती है ।
 छाती मर जमे बलगम को ढीला करने का एक आसान उपाय है छाती को थपथपाना । दिन में दो  बार छाती थपथयें ।

हर तरह की खांसी, खासतौर पर सुखी  खांसी होने  पर निम्न  मिश्रण दिया जा सकता है-


शहद - एक भाग

र्नीबूका रस- एक भाग

जिन या रम (राराब) एक भाग

 लेकिन छोटे बच्चों और जिन्हें सांस लेने में परेशानी हो, वे इस मिश्रण में शराब न मिलायें । उपरोवत मिश्रण की एक-एक चम्मच भर मात्रा हर 2-3 घंटे  पर लें ।

ऐसी सूखी खांसी जो रात को  सोने न दे  home remedies for dry cough at night

कोडीन  के साथ खासी का शरबत  दें।  ये सीरप या गोलियों के रूप में मिलती हैं, एस्प्रिन  युक्त या एस्प्रिन  रहित ।
कोडीन  तेज पीड़ानाशक दवा है साथ ही खांसी क्रो शांत करने वाली क्रांकीशाली दवा भी । लेकिन  इसकी लत भी पड़ सकती है ।
वयस्को के लिए 7 से 15 मि.ग्रा 1 कौडीन पर्याप्त रहती है ।

आयुर्वेद की कई दवाइयां मार्केट मेँ उफ्तब्ध हैं जो  सूखी खांसी के ठीक करती  हैं।  सांडु की   "हूपिन" हैं , मुलतानी की  'कूका ' तुलीसन की "कासमघु" सनातन का "ड्राई चेट सीरप" आदि प्रभावी माने जाते हैं ।

घरघराहट वाली खाँसी -  Wheezing cough

कठिन और आवाज करने वाली सांस हो तो दमा, ब्राकाइटिस और हृदय रोग संबंधी जांच करायें । ध्यान
रखें, खांसी होने यर धूम्रपान न करे ।

फेफडों से कफ की बाहर  निकालने का उपाय  Ways to Clear Chest Congestion ,Home Remedies for Phlegm


यदि किसी वृद्ध या कमजोर व्यक्ति क्रो वेज खांसी हो और कोशिशों के बाद भी गाढे कफ से छुटकारा न मिल या रहा हो, तो पानी का जियादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए । साथ ही यह " भी करे -

  1. रोगी के बलगम के ढीला करने के लिए पानी की भाप का बफारा दें ।
  2. उसे चारपाई पर इस प्रकार लिटायेँ कि कमर से ऊपर का हिस्सा तो चारपाई के नीचे  तथा शेष हिस्सा चारपाई के उपर रहे । अब उसकी पीठ को जोर-जोर से थपथपाए इससे बलगम बाहर निकलने लगेगा ।

खांसी में  खून आना - Blood in cough

 इसे हीमोप्टाइसिस कहते है । खासी में थूक के साथ  थोड़ा या कुछ ज्यादा लाल  खून आ सकता  है । ऐसी  दशा में पहले यह सुनिश्चित करना जरुरी हैं कि खून खांसी के साथ  आ रहा है या उल्टी करने  पर । फेफडों से खून आने पर व्यक्ति  गले में खुजलाहट महसूस करता है और फिर खांसी के साथ खून आता है । अगर पेट में
रक्त स्राव है और व्यक्ति को  उल्टी आ रही हो या पेट में परेशानी महसूस हो रही को और इसके बाद  उल्टी में खून आता है जो प्राय: गहरे  लाल रंग का होता है दरअसल थूक में खून आना किसी अन्य बीमारी का  संकेत होता है ।

थूक  मेँ खून आने के कुछ कारण Spitting Blood - Symptoms, Causes

  1. बार-बार थूक मेँ खून आना, भूख न लगना, वजन धटना/तपेदिक का कारण हो सकता है। यदि कोई  लगातार धूम्रपान करता है और उसकी उम्र  40 वर्ष से ऊपर है तो यह कैंसर का  संकेत भी हो सक्ता है ।
  2. फैफड़े में व्रण  (फोड़ा ) , ब्ब्रांकाइटिस  (श्वासनली  में सूजन), निमोनिया के कारण भी खांसी में खून खा सकता है। 

उक्त  स्थितियों में चिकित्सकीय सलाह पर अवश्य  जाँच कराये ताकि रोग निदान होकर चिकित्सा शुरु हो सके ।
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