नवग्रह शान्ति के सरल उपाय (Navgrah Shanti Upay)

नवग्रह - अशुभ फलवाले ग्रहो के उपाय 

जिस समय कोई अशुभ ग्रह आप को अशुभ फल दे रहा हो उसकी शांति के लिए प्राचीन काल के महऋशियो - विद्वानो ने उसके Yantra - Manta - Tantra  आदि का जापानुष्ठान, व दानादि का विधान किया है।  जो आपको नवग्रह जन्य दोष शांति,  आदि का पूरा का पूरा विधान जप संख्या आदि बताया गया है।
मंत्र जाप स्वम् अथवा किसी कर्मनिष्ठ यगोपवीतधारी ब्राह्मण से कराये।  जो महानुभाव असमर्थ हों वे सब ग्रहो के दोष शान्ति  के लिए सामान्य औषिधि से स्नान करे।

औषिधि - स्नान → लाजवन्ती (छुई - मुई ), कूट, खिल्ला, कंगुनी, जौ, सरसों, देवदारू, हल्दी, लोध और  नागरमोथा ये दस औषिधि सर्वोषिधि है।
इन औषिधियों के जल से स्नान करने से सभी ग्रहो की पीड़ा नाश होती है।

सभी ग्रहो के दुष्ट दोष नाश के सबसे सुलभ सरल उपाय है, इसके  अलावा पीपल वृक्ष पर जल, दीपदान तथा गौ और ब्राह्मण पूजा आदि से ग्रहो के दोष नाश होते है।

Navgrah Shanti Totke 

एकश्लोकी नवग्रह स्तोत्र →
ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो भुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनि-राहु-केतवः सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु।।


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